खटीमा/हल्द्वानी ब्रेकिंग-खटीमा रेंज चंदनी बीट में धड़ल्ले से चल रहा था लकड़ी चिरान,वन विभाग के सुरक्षा दस्ते और खटीमा रेंज की संयुक्त टीम का छापा, तीन आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार बीट अधिकारी द्वारा फोन स्विच ऑफ़ किए जाने से उठ रहे है भूमिका पर सवाल-(पढ़े पूरी खबर)

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खटीमा/हल्द्वानी- तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरक्षा दस्ते को आज शनिवार दोपहर उस समय बड़ी सफलता मिली, जब मुखबिर की सूचना पर चंदनी बीट में अवैध चिरान का काला कारोबार पकड़ा गया।
शनिवार करीब 3:15 बजे वन सुरक्षा दस्ते और खटीमा रेंज की संयुक्त टीम ने जंगल में दबिश दी और तीन तस्करों को मौके पर ही लकड़ी चिरते हुए दबोच लिया।


प्राप्त जानकारी के मुताबिक टीम को सूचना मिली थी कि चंदनी बीट में पिछले तीन–चार दिनों से लगातार मोटर आरी की आवाजें गूंज रही हैं। स्टाफ की कमी के बावजूद गश्ती टीम ने खटीमा रेंज कर्मियों को साथ लेकर गश्त बढ़ाई और आखिरकार आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बनबसा निवासी राजू राणा के लिए दैनिक मजदूरी पर लगातार तीन–चार दिनों से अवैध चिरान कर रहे थे। तीनों को खटीमा रेंज के सुपुर्द कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बीट अधिकारी का फोन बंद… क्या है खेल?

मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब छापेमारी के दौरान टीम ने बीट अधिकारी से संपर्क करना चाहा, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।सूत्रों के अनुसार, इस संदेहजनक स्थिति ने मामले में वन विभाग के कुछ कर्मियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पूरे जंगल महकमे में खलबली मच गई है।
उधर प्रभागीय वन अधिकारी हिमांशु बांगरी के निर्देशन में चल रहा अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार तेज़ हो रहा है, और आज की कार्रवाई को इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
इधर गश्ती टीम में प्रभारी सुरक्षा दल नवीन रैकवाल,वन दरोगा दिनेश चंद्र पंत , वन आरक्षी ललित बिष्ट,दया किशन जोशी,चालक श्याम सिंह राणा के अलावा खटीमा रेंज के बन दरोगा अमर सिंह,नित्यानंद भट्ट,उत्तम सिंह राणा,वन वीट अधिकारी मनोज ठुकराठी,दैनिक श्रमिक दीपक सिंह शामिल रहे।